अध्यात्म

प्राण शक्ति

योग शास्त्र के अनुसार ह्रदय स्थित कमल कोष से प्राण का उदय होकर नासिका मार्ग से निकलकर बारह उंगुल चलकर अंत मे आकाश में बिलीन हो जाता है। प्राण की इस बाह्य गति को रेचक कहा जाता है तथा इस बाह्य आकाश से अपान का उदय होता है। तथा नासिका मार्ग से चलकर यह ह्रदय […]

अध्यात्म

भगवान शंकर – योगा के विश्व गुरु

~ रूद्र – रूद्र से अभिप्राय जो दुखों का निर्माण व नाश करता है।पशुपतिनाथ – भगवान शिव को पशुपति इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह पशु पक्षियों व जीवआत्माओं के स्वामी हैं अर्धनारीश्वर – शिव और शक्ति के मिलन से अर्धनारीश्वर नाम प्रचलित हुआ।महादेव – महादेव का अर्थ है महान ईश्वरीय शक्ति।भोला – भोले का […]